सुरक्षित रिटायरमेंट: आज की तैयारी, कल की बेफिक्र जिंदगी

मेरे एक परिचित हैं। अगले 5 साल बाद वो रिटायर होने वाले हैं। उनके दो लड़के हैं। दोनों लड़कें पूरी तरह से निर्भर हैं। अपने लड़कों को लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं है। उनकी चिंता तो बस रिटायरमेंट के बाद कैसे बेहतर और बेफिक्री की जिंदगी जी जाए, कैसे बचे-खुचे सपने पूरे किए जाएं, इसकी है। 

मेरे परिचित ने मुझे बताया कि रिटायरमेंट के वक्त उनके पास बचत, निवेश, पीएफ सब मिलाकर 
करीब 25 लाख रुपए मिलने वाले हैं। मेरे परिचित ने मुझसे पूछा कि क्या रिटायरमेंट के बाद इतनी रकम से उनकी जिंदगी की गाड़ी ठीक-ठाक चल पाएगी या नहीं। 

उनका सवाल तो जायज है लेकिन उनके पास अब वक्त भी ज्यादा नहीं है कि और ज्यादा पैसे अपने रिटायरमेंट फंड के लिए जुटा सकें। लेकिन, आपके लिए अभी देर नहीं हुई है। आज से ही आप सोचना शुरू कर दीजिए और किसी फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेकर बेहतर रिटायरमेंट फंड बनाने में जुट जाइए। 

कैसे पता करें, आपके पास पर्याप्त रिटायरमेंट फंड है या नहीं: 
पहला- सबसे पहले आपको ये देखना चाहिए कि नौकरी के दौरान आपकी आमदनी महंगाई दर के अनुपात में बढ़ रही है या नहीं। जब बात महंगाई दर की आती हो, तो उसमें हेल्थ महंगाई दर को भी जोड़ना जरूरी होगा। अगर महंगाई दर के अनुपात में आपकी कमाई बढ़ रही है तो फिर ठीक है और अगर ऐसा नहीं है तो इसके लिए दूसरे विकल्पों मसलन निवेश, अतिरिक्त कमाई का जरिया आपको तलाशना चाहिए।  

दूसरा- मान लीजिए आप अपनी कमाई का कुछ हिस्सा बचत के तौर पर रखते हैं। आपको मालूम होना चाहिए हर साल अपने खर्चों पर महंगाई दर असर डालता है। यानी आपकी इतनी बचत हो और साथ ही उसमें इतनी बढ़ोतरी हो कि महंगाई दर बढ़ने का असर उस पर ना हो। इसके लिए आपको पर्याप्त कमाई के साथ-साथ खर्चों पर नियंत्रण भी रखना होगा। 

तीसरा- अपनी बचत को वैसी जगहों पर निवेश करना होगा जो कि महंगाई को मात दे। सैलरी का कुछ ही हिस्सा आप बचत या निवेश के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। आगे की खर्चों के लिए आपको और ज्यादा मेहनत और कमाई करनी होगी। 

यानी सुरक्षित रिटायरमेंट के लिए आपको नौकरी के दिनों में इन बातों पर ध्यान देना होगा-

-महंगाई के मुकाबले आपकी आमदनी बढ़े ताकि खर्चों को पूरा किया जा सके
-बचत पॉजिटिव हो और महंगाई को मात दे
-निवेश पर रिटर्न आकर्षक हो ताकि आपके खर्चों पर महंगाई कोई असर नहीं डाल सके

इतना सबकुछ जानने के बाद अब आप सोच रहे होंगे कि सुरक्षित रिटायरमेंट के लिए कहां जाया जाए। इसके लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं लेकिन ऐसा करने से पहले आप अच्छी तरह सोच-विचार कर लें या फिर किसी फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लें -

कौन से तरीके अपनाएं: 

बचत करें, रिटायरमेंट राशि को डिवाइड करें, रातों-रात अमीर होने की स्कीम्स से दूर रहें, बाजार से डरने की जरूरत नहीं है, सालान कैश जरूरतों को कैलकुलेट करें, टैक्स-स्थगन का लाभ उठाएं, रिटायरमेंट के बाद कमाई के अन्य साधन भी तलाशें

कहां-कहां हैं बेहतर रिटायरमेंट फंड बनाने के आकर्षक मौके: 

-NPS(न्यू पेंशन सिस्टम ): टैक्स बचत की सुविधा, 6 अलग अलग फंड में निवेश की सुविधा , निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं, 18 साल से 55 साल की उम्र तक के लोग निवेश कर सकते हैं।

-इंश्योरेंसः यूलिप, पेंशन प्रोडेक्ट, ट्रेडिशनल पॉलिसी के जरिए निवेश कर सकते हैं।पेंशन प्लान, रिटायरमेंट प्लान जैसे कई इंश्योरेंस विकल्प 

-म्यूचुअल फंडः  लंबी अवधि के लिए निवेश करना है तो म्यूचुअल फंड में SIP (सिस्टैमिक इन्वेस्टमेंट प्लान) कर सकते हैं। 

- इक्विटीः इक्विटी के जरिए लंबी अवधि में अच्छा पैसा जमा कर सकते हैं लेकिन इसमें थोड़ा जोखिम है 

-PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड),आप बैंक ऑर पोस्ट ऑफिस से पीपीएफ खोल सकते हैं। सुरक्षित निवेश का जरिया है।

-EPF(एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड): सैलरी पाने वालों को ही इसका फायदा, लेकिन पूरी रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए पर्याप्त नहीं 

-टैक्स फ्री बॉन्डः जब आपके रिटायरमेंट के लिए 1-2 साल बचें और आपके पास कुछ पैसा जमा हो जाए तो आप टैक्स फ्री बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं।

-लॉन्ग टर्म डिपॉजिटः अगर आप निचले टैक्स स्लैब में आते हैं तो इनमें निवेश कर सकते हैं।  
रिटायरमेंट के बाद नियमित रकम की सुविधा मिलती है।

-प्रॉपर्टी :  निवेश के तौर पर आपका रियल एस्टेट में पैसा लगाना अच्छा विकल्प हो सकता है।



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