चाइल्ड के लिए अभी से करें प्लान, तभी बनी रहेगी उसकी मुस्कान

चाइल्ड के लिए अभी से करें प्लान, तभी बनी रहेगी उसकी मुस्कान
भला कौन शख्स नहीं चाहेगा कि उसके बच्चों की मुस्कान हमेशा बनी रहे। अपने बच्चों का खिलखिलाता चेहरा देखकर भला कौन माता-पिता खुशी से लबरेज रहना नहीं चाहेगा। लेकिन, बच्चों की मुस्कान, उसकी खिलखिलाहट हमेशा बनी रहे, इसके लिए माता-पिता को शुरू से ही बेहतर फाइनेंशियल चाइल्ड प्लान बनाकर आपको चलना होगा।  
किसी भी दंपति के लिए उनके घर में नए बच्चे का आना सबसे बड़ा खुशी का पल होता है। लेकिन इस खुशी के साथ-साथ माता-पिता पर नई जिम्मेदारी भी आ जाती है। बच्चे की किलकारियों से घर-परिवार की बगिया में बहार आने पर रोज के अतिरिक्त खर्च भी बढ़ जाते हैं।
मसलन, बच्चे के कपड़े, उसके खान-पान, उसकी बीमारी, उसका टीकाकरण के लिए भी पैसों का इंतजाम भी करना पड़ता है। इसलिए आपको इस नई जिम्मेदारी से निबटने के गुर तो आने ही चाहिए।
बच्चे के जन्म से पहले क्या करें: 
बच्चे के जन्म से पहले ही इसकी तैयारियां शुरू कर दें। सबसे पहला काम ये करें कि अगर पति-पत्नी दोनों की कमाई से घर चलता हो, तो कोशिश करें कि सिर्फ पति की कमाई से घर चले। क्योंकि हो सकता है कि बच्चे के जन्म के बाद पत्नी को काम बंद करना पड़ जाए। ऐसे में पति के ऊपर दोहरी जिम्मेदारी आ जाएगी। एक तो खर्च बढ़ जाने के बावजूद एक ही शख्स की कमाई से घर चलाना और दूसरा आगे के लिए पैसे बचाकर रखना।
ऐसे में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन सही रणनीति अपनाकर ना केवल आप नई जिम्मेदारी का बोझ हल्का कर सकते हैं बल्कि अपने कैरियर शुरू करने तक अपने लाड़ले या लाड़ली के लिए पर्याप्त पैसा भी जमा कर सकते हैं।
नई जिम्मेदारी का कैसे करें सामना? 
-मातृत्व लाभ के बारे में जानकारी इकट्ठा करें
-खर्च का बेहतर प्रबंधन करें
-जरूरत के हिसाब से लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लें
-सही निवेश रणनीति बनाएं
-मातृत्व लाभ के बारे में जानकारी इकट्ठा करें: महिलाएं जहां काम करती हैं वहां मिलने वाले मातृत्व लाभ के बारे में पता कर लें।
-खर्च का बेहतर प्रबंधन करें: खर्चों का प्रबंधन भी आपकी नई जिम्मेदारी का बोझ कुछ कम कर सकता है।
बच्चों के लिए महंगे, कपड़े, खिलौना लेने से बचें। क्योंकि बच्चों का ग्रोथ तेजी से होता है और कपड़े छोटे और पुराने पड़ते जाते हैं। महंगे कपड़े, खिलौने के बजाय बच्चे के अच्छे खाने-पीने की चीजों पर ध्यान दें। ताकि बच्चा सेहतमंद बना रहे।
-जरूरत के हिसाब से लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लें : आप लाइफ और हेल्थ पॉलिसी जरूर लें। ताकि किसी आक्समिक दुर्घटना के समय आपके लाड़ले को कोई तकलीफ ना हो।
-सही निवेश रणनीति बनाएं : बच्चे की उम्र के हिसाब से सही निवेश रणनीति अपनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। मसलन, बच्चे के 0-5 साल के दौरान अलग रणनीति हो और 6-8 साल के लिए अलग। बच्चे के 25 साल की उम्र तक निवेश रणनीति अपनाकर बिना कोई तनाव लिए अपने परिवार को खुशहाल रख सकते हैं।
महंगाई की लगातार बढ़ रही मार के बीच बच्चों का पालन-पोषण करना, उसकी पढ़ाई-लिखाई कराना आसान काम नहीं है। ट्रांसपोर्टेशन महंगा होता जा रहा है, स्वास्थ्य सेवाएं महंगी होती जा रही है, पढ़ाई-लिखाई की महंगाई दर तो सबसे तेज गति से बढ़ रही है।
आप मानकर चलें कि जब तक आपके लाड़ला कहीं ठीक-ठाक जॉब नहीं कर लेता या खुद का प्रॉफिट वाला कारोबार नहीं शुरू कर लेता, आपको खर्च देना पड़ेगा। अगर बच्चे पर हर महीने कम से कम 5 हजार रुपए खर्च करने की योजना बनाते हैं तो 25 साल के लिए आपको करीब 15 लाख रुपए की जरूरत पड़ेगी, इसमें महंगाई दर शामिल नहीं है। लंबी अवधि के नजरिये से निवेश की रणनीति अपनाकर आप इस काम को आसान बना सकते हैं।  इसके अलावा उसकी शादी, उसके प्रोफेशनल कोर्स के लिए भी आपको पैसे का इंतजाम करना है।
लाड़ले के लिए निवेश टाइमलाइन:
A:0-5 साल- लक्ष्य काफी दूर है, इसलिए एग्रेसिवली पैसा लगाने का आपके पास मौका है। इसके लिए अपने या अपने बच्चे के नाम पर सोना, गोल्ड  ETF,स्टॉक या फिर इक्विटी म्युचल फंड में पैसे लगाना आपके लिए आकर्षक साबित हो सकता है।
B: 6-8 साल- एग्रेसिव पथ पर बढ़ना जारी रखें। इक्विटी फंड, चाइल्ड प्लांस और गोल्ड ETF में निवेश जारी रखें। टैक्स छूट का फायदा लेने के लिए लांग टर्म  FD में पैसा लगाएं।
C: 9-12 साल- अब निवेश को लेकर संतुलित रवैया अपनाने की जरूरत है। सोना और गोल्ड ETF खरीदें। अगर कहीं से आपको अतिरिक्त कमाई होती है तो चाइल्ड प्लान में पैसे बढ़ा दें। अब इक्विटी फंड में पैसा लगाना बंद कर दें और बैलेंस्ड फंड में सिस्टैमिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP शुरू कर दें।
D: 13-17 साल- अब लक्ष्य नजदीक है, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है। चाइल्ड प्लान में से इक्विटी एक्पोजर धीरे-धीरे कम करें। अब पैसे को इक्विटी फंड की तरफ से दूसरे सुरक्षित उपायों मसलन, मंथली इन्वेस्टमेंट प्लान यानी MIPs या डेट फंड में पैसे लगाएं।
E: 18-21 साल- आपका लाड़ला अब कानूनन वयस्क हो गया। अब चाइल्ड प्लांस  और MIPs से पैसा निकालकर उसके एजुकेशन के लिए दे सकते हैं। उसके नाम पर FD कराएं।
F: 22-25 साल-  अब आपका आपके लाड़ले के लिए फाइनेंशियल लक्ष्य हासिल हो गया। उसकी शादी के खर्चों के लिए MIPs को बेच दें। और गोल्ड ETF को बेचकर शादी के लिए सोना खरीद कर लें।
तो तैयार हो गया आपके लाड़ले के लिए फाइनेंशियल प्लान। ऐसा करके ना केवल आप अपने घर को बेहतर तरीके से चला सकते हैं बल्कि अपने लाड़ले के लिए एक मजबूत बुनियाद भी खड़ी कर सकते हैं। तो देर किस बात कीजिए,
अभी से अपने लाड़ले के लिए शुरू कर दीजिए फाइनेंशियल प्लानिंग।

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