बैंक FD, सेविंग्स डिपॉजिट से बेहतर क्यों है लिक्विड फंड

कई लोग सेविंग्स बैंक अकाउंट में खर्च के अलावा जो पैसा पड़ा होता है, उसे सेविंग्स बैंक अकाउंट में ऐसे ही पड़े रहने देते हैं, जबकि उसपर उनको अच्छा खासा रिटर्न मिल सकता है। छोटी अवधि के लिए वो उन पैसों को फिक्स्ड डिपॉजिट या रेकरिंग डिपॉजिट में निवेश कर सकते हैं या फिर लिक्विड फंड में भी पैसे लगा सकता है। 
लिक्विड फंड में तो एक दिन के लिए भी पैसा लगाया जा सकता है। लिक्विड फंड की कुछ और खासियत है जो उसे फिक्स्ड डिपॉजिट या रेकरिंग डिपॉजिट या सेविंग्स डिपॉजिट से अलग और बेहतर बनाता है।
आखिर लिक्वड फंड क्यों है आकर्षक-

फैक्टर
सेविंग्स बैंक अकाउंट
लिक्विड फंड
ब्याज दर
4-6%  सालाना
फिलहाल 8-8.5% सालाना
सेफ्टी
निश्चित रिटर्न, कोई रिस्क नहीं
रिस्क करीब शून्य, लेकिन निश्चित रिटर्न नहीं
छोटी अवधि का निवेश
लिक्विड फंड
सेविंग्स बैंक अकाउंट
निवेशित राशि
1 लाख रुपए
1 लाख रुपए
अवधि
90 दिन
90 दिन
रेट ऑफ रिटर्न
8.5%
4%
गेन्स
2,059.89 रुपए
986.30 रुपए
टैक्सेशन
28.33%
33.99%
टैक्सेबल अमाउंट
593.77 रुपए
335.24 रुपए
नेट गेन
1502.12 रुपए
651.06 रुपए
अंतर
                    851.07 रुपए
  

डिपॉजिट डीटेल्स
लिक्विड फंड
करेंट अकाउंट
FDs
निवेशित राशि
1 करोड़ रुपए
1 करोड़ रुपए
1 करोड़ रुपए
अवधि
30 दिन
30 दिन
30 दिन
रेट ऑफ रिटर्न
8.5%
0%
7.00%
रिटर्न राशि
69,863.01 रुपए
0 रुपए
57.534.25 रुपए
20 दिन के बाद विद्ड्रावल
कोई एग्जिट लोड नहीं
कोई एग्जिट लोड नहीं
1% पेनल इंटरेस्ट
नेट रेट ऑफ रिटर्न
8.5%
0%
6.00%
नेट रिटर्न
46,575.34 रुपए
0 रुपए
32,876.71 रुपए
-सेविंग्स डिपॉजिट: आप अपने बैंक सेविंग्स अकाउंट में पैसे को यूं ही छोड़ देते हैं। जब जरूरत पड़ती है तो उसमें से कुछ पैसे निकालते हैं और बाकी को रहने देते हैं। इस पर बैंक साल भर में महज 4% -6% का ब्याज देते हैं। अगर साल भर में आपको 10 हजार रुपए से ज्यादा ब्याज मिले, तो उस पर भी टैक्स देना पड़ता है। इसमें आप मैच्योरिटी या उससे पहले भी पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन, मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने पर आपको कुछ जुर्माना देना पड़ सकता है। अलग-अलग बैंक अलग-अलग जुर्माना वसुलते हैं।
-बैंक FD(Fixed Deposit) RD (Recurring Deposit):  बैंक में जब किसी खास अवधि के लिए आप अपने पैसा निवेश करते हैं तो वो बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट कहलाता है। इसमें रकम एकमुश्त जमा की जाती है और इस पर ब्याज सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज से ज्यादा होता है। हर बैंक अलग-अलग अवधि (मसलन, 3 महीना, 6 महीना, एक साल, 4 साल बगैरह) और अलग-अलग रकम (मसलन, 1 लाख रुपए तक या उससे अधिक) के हिसाब से ब्याज देते हैं। इसमें रकम एकमुश्त जमा की जाती है और इस पर ब्याज सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज से ज्यादा होता है। इस समय बैंक FD पर करीब 8.5तक का ब्याज देते हैं।
वहीं, बैंक RD के तहत बैंक में पैसा एकमुश्त नहीं बल्कि नियमित अंतराल मसलन, हर महीने या हर तिमाही जमा करना होता है ताकि आप पर एक साथ बोझ ना पड़े। इसमें भी आप मैच्योरिटी या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं। इस पर रिटर्न बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट जैसा ही मिलता है।
-लिक्विड फंड :  म्युचुअल फंड स्कीम की एक कैटेगरी है लिक्विड फंड, जिसे जानकार सेविंग्स अकाउंट का बेहतर विकल्प बताते हैं। इसमें अधिकतम रिटर्न, सुरक्षा, और जब आप चाहे पैसा निकालने की पूरी छूट रहती है। लिक्विड फंड मुख्य तौर पर मनी मार्केट के साधन मसलन, ट्रेजेरी बिल्स, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट्स, कमर्शियल पेपर्स जैसे साधनों में निवेश किया जाता है। इसके तहत 91 दिनों से ज्यादा का निवेश नहीं होता है। इसमें आप एक दिन का भी निवेश कर सकते हैं। छोटी अवधि के लिए, जब आप अपना पैसा खर्च करने को लेकर निश्चित नहीं रहते हैं या फिर छोटी अवधि के लिए आपने कोई प्लानिंग की है, तब लिक्विड फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है। ब्याज दर बढ़ने पर लिक्विड फंड से मिलने वाला रिटर्न भी बढ़ जाता है। लिक्विड फंड में मिनिमम 5 हजार रुपए निवेश कर सकते हैं और फिर एक रुपए के मल्टीपल में निवेश कर सकते हैं। लिक्विड फंड में निवेश करने के लिए किसी फंड हाउस में आपको अकाउंट खुलवाना होगा।    


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