ऑनलाइन IT रिटर्न, फाइल करना है आसान-पार्ट 2

पिछले भाग में हमने बताया कि ऑनलाइन आईटी रिटर्न फाइल करने से पहले किन-किन कागजातों को आप अपने पास रख लें।

अब इस भाग में हम आपको बता रहे हैं कि उन कागजातों का क्या करना है....

-सभी तरह की आमदनी मसलन, बैंक खाते से हुई कमाई, वेतन, पेंशन, डिविडेंड यानी लाभांश, ब्याज, किराए
आदि किसी भी जरिए से हो सकती है, की गणना करें।

- अकाउंट में किसी तरह का रिफंड (टिकट कैंसिल करवाने, डबल डेबिट या बिल आदि), आंतरिक फंड ट्रांसफर
(एक अकाउंट से दूसरे में ट्रांसफर) के रूप में आया पैसा टैक्स के दायरे में नहीं आएगा।

-जब कुल आमदनी की आपने गणना कर ली, तो आपको अंदाजा हो गया होगा कि आपको कितना टैक्स चुकाना है

-आपके नियोक्ता द्वारा दिए गए फॉर्म 16 या बैंक द्वारा  दिए गए फॉर्म 16 A में जो टैक्स काटा गया है, क्या
वास्तव में इतना ही टैक्स देना है। इसे जांचने के लिए आप इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट
incometaxindiafilling.gov.in से फॉर्म 26AS और आपके नियोक्ता/बैंक द्वारा दिए गए फॉर्म 16 या16 A में काटे गए टैक्स की तुलना कर सकते हैं। अगर दोनों फॉर्मों में कोई अंतर है, तो आप अपने एम्पलॉयर या बैंक के साथ संपर्क कर मामला सुलझाएं।

-दान की रसीदों, NSC सर्टिफिकेट, कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट, निवेश के प्रमाण आदि को ध्यान से जांचना
चाहिए।

इसके बाद के चरण में आमदनी, डिडक्शन आदि को व्यवस्थित क्रम में रखें, ताकि इन्हें दर्ज करते समय
आसानी हो।

तो अब आप समझ गए होंगे कि जिन दस्तावेजों को आपने बड़ी मेहनत से इकट्ठा किया था, उसका क्या करना है। पहले  दोनों भाग में दी गई जानकारी ऑनलाइन ई-फाइलिंग से पहले का बुनियादी काम है।

सभी तरह की आमदनी और टैक्स छूट का आपको पता चल गया होगा। यानी आपकी कितनी देनदारी बनती है, आपको मालूम हो गया होगा अब।

आपने बहुत ही जटिल काम को अंजाम दिया है और अब शुरू होगा, उन दस्तावेजों से जुटाई गई जानकारी को आपके लिए सही आईटी रिटर्न फॉर्म में भरने का काम।

अगले भाग में हम आपको बताएंगे कि इन जानकारियों का क्या करना है...जारी भाग 3....  

ऑनलाइन IT रिटर्न, फाइल करना है आसान-पार्ट 1 
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/07/it-1.html

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