म्युचुअल फंड के जरिए फाइनेंशियल प्लानिंग पूरी करें

जानकार म्युचुअल फंड को निवेश का बेहतरीन जरिया मानते हैं। आपका फाइनेंशियल लक्ष्य छोटी अवधि के लिए हो या फिर मध्यम अवधि या फिर लंबी अवधि के लिए, म्युचुअल फंड आपकी हर उम्मीदों पर खड़ा उतरेगा।  लेकिन, इसके लिए आपको सतर्क और अनुशासित रहना होगा।
पहला कदम:
-फाइनेंशियल प्लानिंग करें: लक्ष्य, समय और लक्ष्य हासिल करने के लिए जरूरी पैसों को ध्यान में रखकर फाइनेंशियल प्लान तैयार करें। तीन समयावधि के लिए प्लान होना चाहिए। तीन से पांच साल के लिए, 10-15-18 साल के लिए और 25-30 साल के लिए जिसमें आपका संभावित रिटायरमेंट फंड भी जरूर शामिल हो।

दूसरा कदम: 
महंगाई और खासकर एजुकेशन महंगाई को ध्यान में रखकर भविष्य के खर्च की गणना करें। अभी के हिसाब से सालाना महंगाई दर 7-8% जबीक एजुकेशन महंगाई दर 10-12% मानकर चलें। इसके अलावा इलाज पर भी महंगाई का होने वाले असर को नजरअंदाज मत करें। बच्चों की पढ़ाई, आपके रिटायरमेंट फंड या फिर
आपकी दूसरी जरूरतों के लिए आपके फाइनेंशियल प्लानिंग को पूरे करने के लिए कितने पैसों की जरूरत पड़ेगी, इसका सही-सही अंदाजा लगा लें।

तीसरा कदम: 
अब आपको ये पता करना है कि कौन सी म्युचुअल फंड स्कीम आपकी जरूरत को पूरे कर सकती है। इसके लिए आप किसी भरोसेमंद फाइनेंशियल एडवाइजर्स से सलाह ले सकते हैं या फिर आप खुद भी रिसर्च करके सही स्कीम का चुनाव कर सकते हैं।
             छोटी अवधि के लक्ष्य को पूरे करने के लिए आप लिक्विड फंड या शॉर्ट टर्म बॉण्ड फंड्स में पैसे लगा सकते हैं जबकि लंबी अवधि के लिए एसआईपी के जरिए इक्विटी फंड में या फिर गोल्ड ईटीएफ के जरिए सोना में पैसा लगाना फायदेमंद होगा।
            लेकिन, इतना करने के बाद भी आपको चैन से नहीं बैठना होगा। म्युचुअल फंड में जोखिम भी रहता है तो समय-समय पर अपने फंड की समीक्षा करते रहें, अगर उसमें कुछ बदलाव की जरूरत हो, तो बदलाव करने से मत कतराएं।

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