आपका 'Money Time' क्या है ?

'Money Time', जो हरदम रखे आपको फाइनेंशियल फिट
सरकारी बजट पर नजर लेकिन खुद के बजट को नजरअंदाज !

बच्चों का स्कूल जाने, खेलने, घूमने-फिरने का समय फिक्स है, आपका दफ्तर जाने, योगा और वॉक करने, जिम जाने का समय तय है, लेकिन क्या आपने अपने दिनचर्या में 'मनी टाइम' शामिल किया है? 'मनी टाइम' यानी अपने पैसों के प्रबंधन, वित्तीय प्लान, पर्सनल फाइनेंस से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करने को लेकर कोई तारीख या कोई दिन निश्चित किया है। अगर नहीं किया है तो अभी से या फिर अगले साल से शुरू कर दीजिए।

किसी भी फाइनेंशियल प्लानिंग का एक अहम हिस्सा है बजट। आम तौर लोग निवेश को ही अपना बजट समझ लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। बल्कि सही बजट वो होता है जिसके तहत आपको अपने पैसों का सही प्रबंधन करना आना चाहिए।

((सिर्फ तीन कदमों में कैसे पूरी करें फाइनेंशियल प्लानिंग की दुनिया
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/04/blog-post_20.html

(('आर्थिक स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है'
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/08/blog-post_17.html

क्यों जरूरी है एक 'Money Time'?   
-आपकी आमदनी और आपके खर्च का हिसाब-किताब ठीक रहे
-अगर खर्च ज्यादा हो रहा है, तो फालतू के खर्च का पता कर
उसे रोकना या कम करना आसान होगा
-अगर जरूरी खर्च के लिए आमदनी कम पड़ जा रही है, तो
अतिरिक्त कमाई का उपाय करना
-समय-समय पर आपकी वित्तीय प्लान की समीक्षा हो पाएगी
-निवेश से मिलने वाले रिटर्न की समीक्षा कर उसमें बदलाव
करना आसान हो जाएगा।
-छोटी अवधि, मध्यम अवधि और लंबी अवधि के लिए वित्तीय
प्लान बनाकर उसे हासिल करने में आसानी होगी
-म्युचुअल फंड या शेयरों में पैसा लगा हो, तो उससे मिलने वाले
रिटर्न की समीक्षा कर उसमें बदलाव कर सकेंगे
-अगर कोई लोन चल रहा हो, या फिर बैंक में FD करवाया हो, तो
ब्याज दर घटने या बढ़ने की स्थिति में  EMI या FD पर मिलने वाले
रिटर्न की समीक्षा कर उसमें चाहे तो फेरबदल कर सकते हैं

((फाइनेंशियल सफर को सुहाना बनाता है 'मनी मित्र', कैसे जानने के 
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/05/blog-post_23.html

((म्युचुअल फंड के जरिए फाइनेंशियल प्लानिंग पूरी करें
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/08/blog-post_3.html


क्या हो 'Money Time'?   
-अगर किसी खास हफ्ते के लिए वित्तीय प्लान बनाना हो, तो
हफ्ते का पहला दिन आपका मनी टाइम हो सकता है
- उसी तरह किसी खास महीना या साल के लिए वित्तीय प्लान
बनाना हो, तो महीने की 1-10 वी तारीख, जबकि किसी साल
का वित्तीय प्लान बनाना हो, साल के पहले महीने की 1-10 तारीख
आपका मनी टाइम हो सकता है
-वित्तीय प्लान के लिए अगर आप मनी टाइम तय करते हैं तो फिर
उसकी समीक्षा के लिए भी आपको कोई मनी टाइम फिक्स करना
होगा।
-अगर किसी वित्तीय प्लान की समीक्षा के लिए कोई मनी टाइम फिक्स
करना चाहते हैं, तो जिस अवधि के लिए समीक्षा करना चाहते हैं, उसके
बीच के समय को आप फिक्स कर सकते हैं। मसलन, अगले कैलेंडर साल
के लिए आप वित्तीय प्लान बनाना चाह रहे हैं, तो अगले साल के बीच के
समय यानी जून-जुलाई को आप समीक्षा के लिए मनी टाइम फिक्स कर
सकते हैं।

Money Time फिक्स करने से पहले की तैयारी: 
-सबसे पहले आप अपने खर्च की लिस्ट बना लें। मसलन, घर का
किराया या फिर होम लोन के लिए EMI। इसके अलावा, दूसरे खर्च
भी मसलन, सभी तरह के बिल, फीस, मजदूरी, कोई बकाया हो तो
और रोजमर्रा के खर्चों की भी लिस्ट आप बना लें।

-आप अपना एक खर्च फंड भी बना सकते हैं और खर्च के
लिए जरूरी पैसों को उसमें पहले ही रख दें। आजकल
कई बैंक इस तरह की सुविधा अपने यहां दे रहे हैं। उसका
भी लाभ आप उठा सकते हैं।

-कई तरह के खर्च ऐसे होते हैं जिसे किसी भी हाल में टाला
नहीं जा सकता है। मसलन, होम या किसी भी लोन की EMI,
क्रेडिट कार्ड बिल। अगर आप इसे समय पर नहीं चुकाते हैं तो
आप को जुर्माना भी देना पड़ेगा। इसके लिए महीने के शुरुआत में
एक अलग से जरूरी खर्च फंड बना सकते हैं।

-आपके लिए एक आपातकालीन फंड भी बनाना जरूरी है। अपनी इनकम
का कुछ हिस्सा इसमें भी रखें ताकि किसी आकस्मिक जरूरत के समय इसका
इस्तेमाल किया जा सके।

(आपातकालीन फंड बनाना आपके लिए अच्छा रहेगा 
(क्यों और कितना होना चाहिए आपातकालीन फंड? 
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/11/blog-post_86.html

-Money Time को शुरुआत से ही अमल ना करें बल्कि कुछ समय तक
आप प्रयोग के तौर पर इसे आजमाएं। कम से कम छह महीने तक इसे
प्रयोग के तौर पर करें और जरूरत के मुताबिक बदलाव करते रहें फिर
उसका सख्ती से अमल में लाएं।

((खेल-खेल में सीखें फाइनेंशियल प्लानिंग के गुर 
http://beyourmoneymanager.blogspot.com/2015/12/blog-post_21.html

((शादी की खुशी में फाइनेंशियल प्लानिंग करना कहीं भूल तो नहीं गए
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((पोंजी स्कीम्स की मायावी दुनिया में कैसे फंसते हैं लोग
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((इन कंपनियों में पैसे मत लगाइगा, वरना डूबना तय है , क्योंकि 
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((निवेश को नुकसान से बचाना है तो 5 गलतियों से बचें
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