ईपीएफ और पीपीएफ क्या है

अक्सर लोगों को ईपीएफ (Employe Provident Fund-कर्मचारी भविष्य निधि ) और पीपीएफ (Public Provident Fund-सार्वजनिक भविष्य निधि) को लेकर असमंजस में पड़ते हुए देखा होगा। हालांकि दोनों खाता लंबी अवधि की बचत का विकल्प मुहैया कराते हैं फिर भी इन दोनों में खास अंतर है। आइए जानते हैं आखिर क्या है दोनों में फर्क...

> EPF की खास बातें:
-ये अकाउंट नौकरी पेशा लोगों के लिए होता है।
-इसमें नौकरी-पेशा लोगों के नियोक्ता (Employee) उनकी
सैलरी से हर महीने कुछ निश्चित रकम काटकर (मौजूदा समय में 12%)
पीएफ ऑफिस में जमा करा देता है। यह तय रकम सरकार द्वारा निर्धारित होती है
-पीएफ पर इनकम टैक्स  छूट मिलती है
-पीएफ में जमा की गई रकम, उस पर मिलने वाले ब्याज और खाते
 से निकाली गई रकम (Withdrawal) सभी टैक्स फ्री होते हैं।
-इस पर मिलने वाली ब्याज दर की हर साल समीक्षा होती है
-ईपीएफ का पैसा आप अपनी मौजूदा नौकरी छोड़ने के बाद
कभी भी निकाल सकते हैं।
-रिटायरमेंट फंड के तौर पर पीएफ अच्छा विकल्प माना जाता है।
-पीएफ खाते में लंबी अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से
अच्छा-खासा पैसा जमा जाता है।

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>PPF की खास बातें:
-एक सरकारी बचत योजना, जो बैंक और पोस्ट ऑफिस द्वारा
चलाई जाती है।
-अपनी स्वेच्छा से इसमें अपना खाता खुलवाने की सुविधा
-ये खाता खुलवाने के लिए जरूरी नहीं कि आप किसी ऑफिस
में सैलरी पर काम करते हों
-बतौर सलाहकार, फ्रीलांसर और संविदा (अनुबंध) के आधार
पर काम करने वाले, बिजनेस करने वाले ते हैं तब भी आप
अपना खाता खुलवा सकते हैं।
-पीपीएफ अकाउंट पर भी टैक्स छूट मिलती है
-इसमें मिलने वाली ब्याज दर की हर तिमाही समीक्षा

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PF पर मिलने वाली ब्याज दर की हर साल जबकि  PPF पर मिलने वाली ब्याज दर की हर तिमाही में समीक्षा होती है। PF की सालाना ब्याज दर समीक्षा तो पहले से ही होती आ रही है लेकिन PPF पर मिलने वाली ब्याज दर की तिमाही समीक्षा अप्रैल 2016 से शुरू की गई है।  PPF के अलावा दूसरी छोटी सरकारी बचत योजनाओं मसलन, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना,सुकन्या समृद्धि स्कीम,नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, किसान विकास पत्र, मंथली इनकम स्कीम्स, मासिक आय स्कीम, पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम पर भी मिलने वाली ब्याज दर की समीक्षा अप्रैल 2016 से शुरू हुई है।

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