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जुलाई-सितंबर का चालू खाता घाटा (CAD) सालाना आधार पर बढ़ा, निर्यात के मुकाबले आयात का बढ़ना मुख्य वजह
Developments in India’s Balance of Payments during the Second Quarter (July-September) of 2017-18
Preliminary data on India’s balance of payments (BoP) for the second quarter (Q2), i.e., July-September 2017-18 are presented in Statements I (BPM6 format) and II (old format).
Key Features of India’s BoP in Q2 of 2017-18
  • India’s current account deficit (CAD) at US$ 7.2 billion (1.2 per cent of GDP) in Q2 of 2017-18 narrowed sharply from US$ 15.0 billion (2.5 per cent of GDP) in the preceding quarter, but was substantially higher than US$ 3.4 billion (0.6 per cent of GDP) in Q2 of 2016-17.
  • The widening of the CAD on a year-on-year (y-o-y) basis was primarily on account of a higher trade deficit (US$ 32.8 billion) brought about by a larger increase in merchandise imports relative to exports.
  • Net services receipts increased by 13.1 per cent on a y-o-y basis mainly on the back of a rise in net earnings from software services and travel receipts.
  • Private transfer receipts, mainly representing remittances by Indians employed overseas, amounted to US$ 17.4 billion, increasing by 14.7 per cent from their level a year ago.
  • In the financial account, net foreign direct investment at US$ 12.4 billion in Q2 of 2017-18 moderated from its level in Q2 of 2016-17.
  • Portfolio investment recorded net inflow of US$ 2.1 billion in Q2 of 2017-18, lower than US$ 6.1 billion in Q2 last year on account of net sale in the equity market.
  • Net receipts on account of non-resident deposits amounted to US$ 0.7 billion in Q2 of 2017-18, lower than US$ 2.1 billion a year ago.
  • In Q2 of 2017-18, there was an accretion of US$ 9.5 billion to the foreign exchange reserves (on BoP basis) as compared with US$ 8.5 billion in Q2 of 2016-17 and US$ 11.4 billion in the preceding quarter (Table 1).
BoP during April-September 2017 (H1 of 2017-18)
  • On a cumulative basis, the CAD increased to 1.8 per cent of GDP in H1 of 2017-18 from 0.4 per cent in H1 of 2016-17 on the back of widening of the trade deficit.
  • India’s trade deficit increased to US$ 74.8 billion in H1 of 2017-18 from US$ 49.4 billion in H1 of 2016-17.
  • Net invisible receipts were higher in H1 of 2017-18 mainly due to increase in net services earnings and private transfer receipts.
  • Net FDI inflows during H1 of 2017-18 moderated by 6.3 per cent over the level during the corresponding period of the previous year.
  • Portfolio investment recorded a net inflow of US$ 14.5 billion during H1 as compared with US$ 8.2 billion a year ago. 
  • In H1 of 2017-18, there was an accretion of US$ 20.9 billion to foreign exchange reserves.
Table 1: Major Items of India's Balance of Payments
(US$ Billion)
 July-September 2017 PJuly-September 2016April-September 2017-18 PApril-September 2016-17
CreditDebitNetCreditDebitNetCreditDebitNetCreditDebitNet
A. Current Account145.6152.8-7.2127.7131.1-3.4285.5307.8-22.2252.6256.5-3.8
1. Goods76.1108.9-32.867.493.0-25.6149.2224.0-74.8134.0183.5-49.4
   Of which:            
           POL9.423.7-14.37.620.5-12.916.946.5-29.614.439.5-25.1
2. Services47.429.018.440.924.616.393.356.636.780.348.232.0
3. Primary Income4.613.0-8.54.112.2-8.19.423.6-14.37.822.2-14.4
4. Secondary Income17.51.915.715.21.313.933.73.530.130.52.627.9
B. Capital Account and Financial Account146.5139.76.9138.9134.64.3302.2281.021.2268.1263.64.5
   Of which:            
Change in Reserve (Increase (-)/Decrease (+))0.09.5-9.50.08.5-8.50.020.9-20.90.015.5-15.5
C. Errors & Omissions (-) (A+B)0.4 0.4 0.9-0.91.0 1.0 0.7-0.7
P: Preliminary
Note: Total of subcomponents may not tally with aggregate due to rounding off.

(Source: rbi.org.in)

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Rajanish kant Wednesday, December 13, 2017
आधार से बैंक अकाउंट, MF अकाउंट, PPF अकाउंट, इंश्योरेंस से लिंक करने की नई तारीख
आधार से बैंक अकाउंट समेत सभी फाइनेंशियल सर्विसेस को लिंक करने की योजना बना रहे लोगों को सरकार ने राहत दी है। 

पहले आधार से बैंक अकाउंट, इंश्योरेंस पॉलिसी, शेयर और म्युचुअल फंड अकाउंट, पीपीएफ, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना समेत सभी छोटी बचत स्कीम्स को 31 दिसंबर 2017 तक लिंक कराना अनिवार्य था लेकिन अब इस आखिरी तारीख को बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दिया गया है। हालांकि, इस बारे में सरकार ने अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की है। 

इससे पहले पैन को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2017 से बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दिया गया था।


> वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है, आप भी देखिये इस ट्वीट को....


It has been decided by the Government to notify 31st March, 2018 or six months from the date of commencement of bank account based relationship by the client, whichever is later, as the date of submission of Aadhaar number& PAN or Form 60 by the clients to the reporting entity.



Rajanish kant
अपने म्युचुअल फंड अकाउंट (फोलियो) को घर बैठे आधार से लिंक ऐसे कराएं, आखिरी तारीख याद है ना

अगर आप म्युचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपके लिए जरूरी है कि आप अपने म्युचुअल फंड अकाउंट, जिसे तकनीकी भाषा में फोलियो कहते हैं, को 31 दिसंबर 2017 तक अपने आधार नंबर से लिंक करा लें। हालांकि अब इस आखिरी तारीख को बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दिया गया है।  शायद आपके पास इस बारे में आपके ब्रोकर्स के पास से मेल या एसएमएस भी आया होगा। इसे आप घर बैठे भी कर  ऑनलाइन कर सकते हैं और ऑफलाइन भी कर सकते हैं। 

अगर आप ऑफलाइन करना चाहते हैं तो आपको जिन म्युचुअल फंड कंपनियों जो कि एएमसी (एसेट मैनेजमेंट कंपनी-AMC) या फिर फंड हाउस भी कहलाती है, उसका दफ्तर जाना पड़ेगा। आप अपने ब्रोकर्स से भी इस बारे में बात कर सकते हैं। आप पत्र के जरिये भी अपने फोलियो से आधार को लिंक करा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने फंड हाउस की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड करना पड़ेगा और उसमें मांगी गई जानकारी सही-सही भरकर सही पते पर भेजना पड़ेगा। 

अगर आपने एक से अधिक म्युचुअल फंड कंपनियों की स्कीम्स में निवेश किया है या फिर एक ही कंपनी की स्कीम में निवेश किया है तो आप Computer Age Management Services Pvt. Ltd. यानी CAMS की वेबसाइट पर जाकर भी अपने फोलियो को आधार से लिंक कर सकते हैं। घर बैठे ही चुटकियों ेमं यह काम हो जाएगा।

ये रहे तरीके...
As per Prevention of Money-Laundering (Maintenance of Records) Second Amendment Rules, 2017, all customers need to update their Aadhaar Number in Mutual Fund folios / accounts on or before 31st December 2017. We notice that in PAN(s) where you have registered this email id, Aadhaar Number is yet to be linked and hence seeking your support to ensure hassle free, uninterrupted transactional ability for your future transactions.

CAMS is facilitating single submission through various modes. You can update your Aadhaar in Mutual Fund folios using any of the following options:

Online Mode: Click the link 
https://adl.camsonline.com or visit CAMS / AMC Website for submitting the request.

Physical Form: Download prescribed form from CAMS Website in the given link 
https://adl.camsonline.com fill, sign and submit at any of the nearest office of CAMS / Mutual Fund or send it to camsadlink@camsonline.com from your registered email id.

You may also send the duly filled and signed form to the following address: 
Computer Age Management Services Pvt. Ltd. [CAMS]
Department: Aadhaar Updation
Rayala Towers
158, Anna Salai
Chennai - 600002
Kindly ignore this communication if you have already submitted the required information.
Please note that as per the guidelines, linking of Aadhaar number into your Mutual Fund account is mandatory by 31st December 2017; failing which, your Folio(s) will be made inoperative and further transactions may get restricted as per the guidelines issued from time to time.
For further queries, please connect to your Distributor / Advisor / Mutual Fund branches or call CAMS toll-free support number 1800-200-2267 or 1800-419-2267 - from anywhere in India. You may also write to camsadlink@camsonline.com.

Note: As per PMLA Regulations referred above, your Aadhaar Number has to be authenticated with UIDAI database, before seeding into the respective Mutual Fund Account (Folio) and the outcome of authentication (success or failure) shall be informed to you via separate communication. 
 Kind regards,
Computer Age Management Services Pvt. Ltd.



म्युचुअल फंड की महफिल: क्लोज एंडेड फंड में उसके एनएफओ (न्यू फंड ऑफर) के दौरान निवेश करना चाहिए या नहीं?

म्युचुअल फंड निवेशक एसटीपी, एसडब्लूपी तरीकों का फायदा उठायें, जानें कैसे 

म्युचुअल फंड के बदल गए नियम, बदलाव से निवेशकों को फायदा या नुकसान, जानें विस्तार से  

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                                                                            ((लिक्विड फंड (LiquidFund):जोखिम (रिस्क) कम, तरलता ( Liquidity)ज्यादा, सेविंग्स बैंक अकाउंट जैसा फायदा 

बैंकों की तरह लिक्विड फंड से भी तुरंत पैसे निकाल सकेंगे, सेबी ने जारी की गाइडलाइंस 

>म्युचुअल फंड में निवेश के 6 तरीके; 6 ways to invest in Mutual Fund

((ELSS में निवेश के 7 फायदे, 7 benefits of ELSS Investment
(सेबी इन्वेस्टर सर्वे 2015: निवेशक कहां जल्दी से कैश (तरलता) की उम्मीद करते हैं-म्युचुअल फंड्स, इक्विटीज, डिबेंचर्स, कमोडिटी फ्यूचर्स, डेरिवेटिव्स?

(सेबी इन्वेस्टर सर्वे 2015: निवेशक कहां ज्यादा रिटर्न की उम्मीद करते हैं-कमोडिटी फ्यूचर्स, डेरिवेटिव्स, डिबेंचर्स,  इक्विटीज या  म्युचुअल फंड्स ?

(सेबी इन्वेस्टर सर्वे 2015: बॉन्ड्स, इक्विटीज, म्युचुअल फंड्स में से किसको सबसे ज्यादा सुरक्षित मानते हैं निवेशक ?
(सेबी इन्वेस्टर सर्वे 2015: म्युचुअल फंड्स (MF) के Scheme Information Document (एसआईडी) कौन सा 
हिस्सा निवेशक सबसे ज्यादा पढ़ते हैं?
(सेबी इन्वेस्टर सर्वे 2015: म्युचुअल फंड्स (MF) में निवेश करने का सबसे महत्वपूर्ण जरिया क्या है?
(सेबी इन्वेस्टर सर्वे 2015: म्युचुअल फंड्स (MF) के बारे में जानकारी कहां-कहां से लेते हैं निवेशक? 
(सेबी इन्वेस्टर सर्वे 2015: म्युचुअल फंड्स (MF)में कितने दिनों तक निवेशित रहते हैं?
(सेबी इन्वेस्टर सर्वे 2015: म्युचुअल फंड्स (MF) के निवेशकों का व्यवहार और निवेश पैटर्न
Alternative Investment Funds(वैकल्पिक निवेश कोषों-एआईएफ) क्या होते हैं 

((Mutual Fund Ki Mehfil:Part-1:What Is Mutual Fund  
म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-1: म्युचुअल फंड क्या है

((Mutual Fund Ki Mehfil:Part-2: Investment of Mutual Fund 
म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-2: म्युचुअल फंड का कहां निवेश होता है

((Mutual Fund Ki Mehfil:Part-3:Benefits of Investment in Mutual Fund 
म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-3: म्युचुअल फंड में निवेश के फायदे

((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-4: म्युचुअल फंड में निवेश किसके जरिये करें 

((Mutual Fund Ki Mehfil:Part-5: Role of MF Trustee
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-5: म्युचुअल फंड ट्रस्टी की भूमिका 

((Mutual Fund Ki Mehfil:Part-6: What Is Asset Management Company
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-6: परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (AMC) का क्या काम है)
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-7: एनएवी क्या है 
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-8: ऑफर डॉक्यूमेंट, क्लोज्ड एंडेड फंड के बारे में जानें
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-9: ओपन एंडेड फंड के बारे में जानें
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-10: रिडेंप्शम मूल्य, पुनर्खरीद मूल्य क्या है


((बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में महंगाई विलेन बने, तो क्या करें 
म्युचुअल फंड में पैसे लगाएं, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के तनाव से बचें   
((म्युचुअल फंड में पैसे लगाइए, टैक्स बचाइए; जानें क्यों और कैसे होगा फायदा 
((म्युचुअल फंड के जरिए फाइनेंशियल प्लानिंग पूरी करें
((म्युचुअल फंड: क्यों है निवेश का सबसे बेहतर जरिया: भाग-1
((म्युचुअल फंड: क्यों है निवेश का सबसे बेहतर जरिया: भाग-2
(म्युचुअल फंड के जरिए महिलाओं को कैसे मिलेगी आर्थिक आजादी? 
((रिटायरमेंट फंड बनाएं, म्युचुअल फंड की मदद से  
((What Is FMPs (Fixed Maturity Plans)
एफएमपी (फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान्स) क्या है
((म्युचुअल फंड कंपनियों की सूची
((टीचर हैं तो क्या हुआ, फाइनेंशियल प्लानिंग करना तो, बनता है बॉस
((डॉक्टर कैसे ठीक रखें फाइनेंशियल सेहत 
((शादी की खुशी में फाइनेंशियल प्लानिंग करना कहीं भूल तो नहीं गए
((म्युचुअल फंड के जरिए महिलाओं को कैसे मिलेगी आर्थिक आजादी? 
((रिटायरमेंट फंड बनाएं, म्युचुअल फंड की मदद से  
((म्युचुअल फंड क्या है, इसमें निवेश के 10 फायदे... What is Mutual Fund, 10 Benefiेts of MF Investment
> म्युचुअल फंड से जुड़ी और जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं............

((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-12: जानें बैलेंस्ड फंड, फंड ऑफ फंड्स, टैक्स सेवर फंड्स के बारे में 
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-11: फोलियो नंबर के बारे में जानें
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-9: ओपन एंडेड फंड के बारे में जानें
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-8: ऑफर डॉक्यूमेंट, क्लोज्ड एंडेड फंड के बारे में जानें
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-7: एनएवी क्या है 
((म्युचुअल फंड क्या है, इसमें निवेश के 10 फायदे...
((फाइनेंस का फंडा: भाग-8, AMFI के बारे में जानें 
(फाइनेंस का फंडा: भाग-22, SEBI की जरूरत क्यों 
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-6: परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (AMC) का क्या काम है)
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-5: म्युचुअल फंड ट्रस्टी की भूमिका
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-4: म्युचुअल फंड में निवेश किसके जरिये करें
((म्युचुअल फंड में पैसे लगाएं, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के तनाव से बचें 
((म्युचुअल फंड की महफिल: भाग-3: म्युचुअल फंड में निवेश के फायदे
((म्युचुअल फंड में पैसे लगाइए, टैक्स बचाइए; जानें क्यों और कैसे होगा फायदा 
((म्युचुअल फंड में पैसे लगाइए, टैक्स बचाइए; जानें क्यों और कैसे होगा फायदा 
((म्युचुअल फंड के जरिए फाइनेंशियल प्लानिंग पूरी करें
((म्युचुअल फंड: क्यों है निवेश का सबसे बेहतर जरिया: भाग-1
((म्युचुअल फंड: क्यों है निवेश का सबसे बेहतर जरिया: भाग-2
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(एफएमपी (फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान्स) क्या है
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((टीचर हैं तो क्या हुआ, फाइनेंशियल प्लानिंग करना तो, बनता है बॉस
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((शादी की खुशी में फाइनेंशियल प्लानिंग करना कहीं भूल तो नहीं गए
((म्युचुअल फंड के जरिए महिलाओं को कैसे मिलेगी आर्थिक आजादी? 
((रिटायरमेंट फंड बनाएं, म्युचुअल फंड की मदद से  
((चाइल्ड के लिए अभी से करें प्लान, तभी बनी रहेगी उसकी मुस्कान
((बच्चों से है प्यार, तो उनके लिए रखें फाइनेंशियल प्लान तैयार
(('Money मित्र' बनकर दें बच्चों को लाड़-प्यार  

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