"बस एक क्लिक और सीखें कॉमर्स की बेसिक्स, वो भी फ्री में और आसानी से"

पैसे से पैसा बनाने की जानकारी को बढ़ाता है कॉमर्स: प्रिया
हम चाहते हैं कि देश के हर छात्र को बेहतर शिक्षा मिले: प्रिया

C.A. PRIYA BANGARD,Co- founder,www.AforAccounts.com
देश के हर नागरिक को बेहतर शिक्षा मिले, इस मिशन को आगे बढ़ाने वालों में www.AforAccounts.com की co- founder और CA Priya Bangard भी शामिल हैं। वो छात्रों को ऑनलाइन कॉमर्स की बेसिक्स सिखा रहीं हैं, वो भी मुफ्त में। प्रिया मौजूदा शिक्षा व्यवस्था का समर्थन तो करती हैं, लेकिन मैट्रिक के बाद काफी कम छात्रों द्वारा कॉमर्स की पढ़ाई करने पर चिंतित हैं। उनका मानना है कि जिंदगी में केवल पैसे कमाना जरूरी नहीं है, बल्कि उन पैसों का सही निवेश और उस पर बेहतर रिटर्न की जानकारी रखना भी उतना ही जरूरी है और इसके लिए कॉमर्स की पढ़ाई मददगार साबित हो सकती है। आइए, उनसे जानते हैं कि उनके ऑनलाइन कॉमर्स कोर्स से जुड़कर आपको क्या-क्या फायदे होंगे। प्रिया के साथ  beyourmoneymanager की बातचीत के अंश..  

>beyourmoneymanager: सबसे पहले आपका शुक्रिया कि आप इतना अच्छा काम कर रहीं हैं।
प्रिया: धन्यवाद रजनीश जी. टीम AforAccounts.com का मानना है कि जिस समाज ने उनको इतना कुछ दिया, तो वक्त आने पर उसे लौटाना भी चाहिए।

>beyourmoneymanager:आपका मिशन है देश के हर छात्र को बेहतर शिक्षा मिले और अपने इस मिशन को पूरा करने के लिए छात्रों को मुफ्त में ऑनलाइन कॉमर्स की बेसिक्स सीखा रहीं हैं, आपके दिमाग में कैसे आया ये आइडिया?  
प्रिया: राजस्थान के जोधपुर शहर में मेरा बचपन व्यतीत हुआ. आप का ध्यान इस ओऱ आकर्षित कर रही हूँ की जोधपुर को C.A. की फैक्ट्री भी कहा जाता है. C.A. करने के दौरान इस बात की और ध्यान गया की समाज में हर कोई  उच्च गुणवत्ता शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहा है तथा कारण है - हर किसी की पेइंग कैपेसिटी अलग है. मन हमेशा समाज के उन लोगों के लिए काम करने को करता था जिनको किसी कारण वो सुविधाएं नहीं मिल पाती और वो अपने जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते। इसलिए करीब साल भर पहले  ‘ए फॉर अकाउंट्स’ के बारे में सोचा। आज ज्यादातर बच्चे पढाई में अच्छे होते हैं लेकिन उनको गुणवत्ता वाली शिक्षा नहीं मिल पाती। इसके अलावा ऐसी वेबसाइट शुरू करने के पीछे एक मुख्य वजह मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource Development) द्वारा 2015 में कराया गया सर्वे था। इस सर्वे में बताया गया था कि देश में केवल 8 प्रतिशत  बच्चे ही मैट्रिक के पश्चात कॉमर्स की पढ़ाई करते हैं। जबकि शेष छात्र साइंस और आर्टस लेते हैं। इसी कारण इंजीनियरिंग (engineering), मेडिकल (medical) और कम्प्यूटर (computer) के क्षेत्र में इतने प्रोफेशनल आ रहे हैं, लेकिन कॉमर्स के क्षेत्र में बहुत कम छात्र सामने आ रहे हैं।

>beyourmoneymanager: आप छात्रों को किस भाषा में पढ़ने-लिखने की सामग्री मुहैया कराती हैं?
प्रिया: हमारा भारतवर्ष न केवल भौगोलिक दृष्टिकोण से बहुत बड़ा है, बल्कि देश में अनेकों प्रकार की भाषाओँ का प्रचलन है. कहीं अंग्रेजी, तो कहीं हिंदी, कहीं तेलुगु तो कहीं मलयाली. अक्सर यह देखने में आता है कि चाहे गाँव का छात्र हो अथवा दक्षिण भारत का कोई छात्र, वह हिंदी अथवा अंग्रेजी में से एक भाषा का ज्ञान जरूर रखता है. सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर शिक्षण सामग्री को बाइलिंगुअल इंग्लिश तथा हिंदी के मेल से
बनाया गया है जिससे हर छात्र इसका फायदा ले सके.

>beyourmoneymanager:हमारे पाठकों को बताएं कि आज के बदलते दौर में कॉमर्स की पढ़ाई क्यों जरूरी है?
प्रिया: रजनीश जी. आज के दौर में आपको कॉमर्स विषय का ज्ञान नहीं है तो सर्वाइव करना मुश्किल हो जायेगा. यदि आपको पैसा कमाना आता है लेकिन पैसे को सही ढंग से निवेश व उसपर रिटर्न का ज्ञान नहीं है तो आप परोक्ष रूप से पिछड़ जायेंगे। यदि एकाउंटेंसी का बेसिक ज्ञान न हो, तो कोई भी बिजनेसमैन अथवा नया इंटरप्रेन्योर का बिज़नस गर्त में चला जायेगा. यदि आप कहीं नौकरी करते हैं तो पैसे से पैसा खींचने हेतु कॉमर्स का ज्ञान परमावश्यक है.  कॉमर्स के ज्ञान द्वारा ही व्यक्ति को पता चलेगा कि उसकी परिस्थिति के अनुसार उसे बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट, म्यूच्यूअल फण्ड, इक्विटी शेयर, डिबेंचर, बांड्स तथा अन्य आयामों में से किस में निवेश करना है. जहाँ तक छात्रों की बात है, कॉमर्स विषय लेने के बाद C.A. तथा C.S. के आलावा भी बहुत से विकल्प हैं. बस छात्रों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है.

>beyourmoneymanager:कोई छात्र अगर कॉमर्स की बेसिक्स सीखने के लिए आपसे जुड़ना चाहता है, तो उसकी पूरी प्रक्रिया कृप्या आसान शब्दों में समझाएं।
प्रिया: सर्वप्रथम छात्र AforAccounts.com पर अपनी डिटेल्स भर कर अपना अकाउंट बना लेवे. ऐसा करने पर उनके लिए तीन चैप्टर निःशुल्क खोल दिए जायेंगे. तत्पश्चात जैसे जैसे रजिस्टर्ड स्टूडेंट अपने फ्रेंड्स को AforAccounts.com ज्वाइन करने के लिए रेफेर करेंगे, तथा रेफेर किये हुए फ्रेंड ज्वाइन करेंगे, उनके लिए और चैप्टर्स निःशुल्क खोल दिए जायेंगे। इस प्रकार कोई भी व्यक्ति 3 मित्रों को रेफेर कर पूरा कोर्स फ्री में देख सकता है. रेफरल कांसेप्ट इसलिए रखा गया है, ताकि हर छात्र तीन छात्रों को AforAccounts.com के  विषय में बताये, जिससे और भी लोगों को फायदा मिले.  शिक्षक तथा लाइब्रेरीज हेतु हमने अलग से निःशुल्क प्रोमो कोड की व्यवस्था की है जिससे वे एक बार में पूरा कोर्स देख सकें।

>beyourmoneymanager:आपका कोर्स कितने दिनों का है और छात्रों को कौन-कौन से चैप्टर पढ़ने की सुविधा मिलेगी?  
प्रिया: हमने कक्षा 11 तथा 12 हेतु 700+ डिजिटल लेक्चर्स बना कर पर अपलोड किये हैं. हालाँकि हर छात्र की अपनी पढ़ने की एक गति होती है, फिर भी 11वीं का कोर्स लगभग 40 घंटे तथा 12वीं का कोर्स लगभग 50 घंटे का है। छात्र जितनी बार चाहें उतनी बार किसी भी लेक्चर को देख व रिपीट कर  सकते हैं, तथा इस बाबत कोई रेस्ट्रिक्शन्स नहीं हैं. सिलेबस कवरेज की पूरी जानकारी AforAccounts.com के होम पेज पर प्रदान कर दी गयी है.

>beyourmoneymanager:हमारे पाठकों को कृप्या ये भी बताएं कि आपके कोर्स के साथ जुड़ने से उनको क्या -क्या फायदा होगा?  
प्रिया: AforAccounts.com भारत की पहली ऐसी निःशुल्क वेबसाइट हैं जो इस स्तर पर निःशुल्क डिजिटल लेक्चर्स प्रदान कर रही है. न केवल स्कूल के छात्र, अपितु मैनेजमेंट के छात्र भी AforAccounts.com पर रजिस्टर कर इसका फायदा ले रहे हैं. नए इंटरप्रेन्योर जिन्हें एकाउंटेंसी विषय का आवश्यक ज्ञान नहीं है, वे भी पर आकर इस बारे में अपना ज्ञानवर्धन कर रहे हैं, जिससे बिज़नस पर उनकी पकड़ मजबूत हो रही है। छात्रों को विषय से सम्बंधित कोई भी प्रॉब्लम पूछने का भी प्रोविज़न किया गया है. AforAccounts.com पर कोई भी छात्र बिना एक भी रूपया खर्च किये एकाउंटेंसी का विषय पढ़ सकता है.

>beyourmoneymanager:देश में मौजूदा समय में कॉमर्स के सिलेबस पर आपकी टिप्पणी। क्या बदलते दौर के साथ बदल रहा है?  
प्रिया: देश में इस समय हर राज्य में अपना एक एजुकेशनल बोर्ड है तथा राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में CBSE, ISC तथा IB बोर्ड जैसे बोर्ड कार्य कर रहे हैं.  अत्यावश्यक बिंदु यह है कि एक छात्र सेकेंडरी कक्षा तक साइंस व आर्ट्स के विभन्न विषय पढता है लेकिन कॉमर्स के विषय में उसका ज्ञान अपेक्षाकृत कम रहता है. जाहिर सी बात है की मेट्रिक पश्चात उसका झुकाव कॉमर्स के प्रति कम होगा. अतः छात्रों को 10वीं कक्षा में करियर
काउंसलिंग के माध्यम से कॉमर्स विषय लेने के फायदे भी बताये जाएँ जिससे छात्रों को इस विषय को चुनने में सहायता मिले.

>beyourmoneymanager:अपने बारे में संक्षेप में बताएं। 
प्रिया: मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur, Rajasthan) शहर की रहने वाली हूँ. शादी के बाद मुंबई सेटल हो गई। आज एक प्रैक्टिसिंग चार्टेड अकाउंटेंट के तौर पर काम कर रही हूँ  और इनकम टैक्स (income tax), वैट और दूसरे टैक्स से जुड़े काम करती हूँ.

>beyourmoneymanager: हमसे बात करने के लिए शुक्रिया, प्रिया जी। 
प्रिया: धन्यवाद रजनीश जी. आशा करते हैं कि आप व आपका ब्लॉग beyourmoneymanager इसी तरह से प्रकाशित होने लायक खबरों को लोगों तक पहुंचाते रहेंगे.

>अगर प्रिया जी से कोई सवाल हो तो, आप उनसे पूछ सकते हैं, उनका ई-मेल आईडी है-
-priyabangard123@gmail.com
-वेबसाइट: www.AforAccounts.com

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