18 ने दी दस्तक, शुरू कर दें बचत

इधर, 18 वें बसंत ने दस्तक दी, तो उधर, नई जिम्मेदारियों की आहट आने लगी, सपने उड़ान भरने लगे, कैरियर को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी, कोर्स को लेकर जद्दोजहद चरम पर है, लेकिन इन सबके बीच एक चीज अब भी छूट रही है, वो है बचत...बचत की आदत। कहते हैं कि आदत एक बार में नहीं, बल्कि बनाते-बनाते बनती है। जीवन में आगे फाइनेंशियल प्लानिंग की जरूरत पड़ेगी, तो क्यों 18 वें साल से इसकी शुरुआत कर दें।
जिस 'Money'के लिए हम इतने परेशान हैं उसका मैनेजमेंट करना भी अगर हम जितनी जल्द अपनी आदत में शुमार कर लेंगे, उतना ही बेहतर होगा। तो क्यों ना, 18 वें साल में प्रवेश करते ही हम बचत करने की आदत भी डालना शुरू कर दें।
बचत करना जरूरी है, क्योंकि:
-आपको कम्प्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन खरीदना है
-मनचाहे कोर्स में एडमिशन लेना है
-मम्मी-पापा, भाई-बहन, दोस्तों को यादगार गिफ्ट देना है
-दोस्तों के साथ ग्रैंड पार्टी करनी है
-कहीं धूमने जाने का प्लान है....बगैरह-बगैरह

-आप भी कर सकते हैं बचत:
लेकिन, इस मामले में सबसे पहला सवाल उठता है कि बचत के लिए पैसे चाहिए, तो फिर पैसे कहां
से आएंगे। इसका भी हल ढूंढना ज्यादा मुश्किल नहीं है। मसलन,
-कुछ लोग तो 18 तक आते-आते पार्ट टाइम जॉब से कुछ
पैसे कमा लेते हैं, उससे वो अपना खर्च भी चला लेते हैं और
चाहें तो कुछ बचत भी कर सकते हैं।
-अगर आपको पॉकेट मनी मिलता है, तो उससे बचत करने
की आदत सीख सकते हैं। इसका आसान तरीका है कि
महीना में कुछ रकम तय कर लीजिए जिसको एकदम
जरूरी ना हो तो खर्च नहीं किया जाए।
-अगर आपको पॉकेट मनी रोज मिलता है तो रोज बचत के लिए रोज एक निश्चित रकम तय कर लीजिए और अगर महीने में मिलता है तो महीने के हिसाब से बचत के लिए निश्चित रकम फिक्स कर सकते हैं।
-बचत को आप बैंक अकाउंट में रख सकते हैं। किसी भी बैंक में जाकर आप अपना अकाउंट खुलवा सकते हैं। वहां आपको अपना पैन नंबर, एड्रेस प्रूफ देने के साथ कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होगी। इस बारे में आप अपने मम्मी-पापा या किसी जानकार की मदद ले सकते हैं।

-कैसे बढ़ाएं अपनी बचत की वैल्यू:
-अगर आपने बचत करने की आदत डाल
ली, तो अपने पैसे को बैंक में या घर पर यूं ही बेकार मत
रहने दीजिए, उसकी वैल्यू बढ़ाने की कोशिश करें। पैसों का
 निवेश कर आप उसकी वैल्यू बढ़ा सकते हैं।
-इसके लिए आप फिक्स डिपॉजिट या रेकरिंग डिपॉजिट
का सहारा ले सकते हैं जिससे सालाना 8-9 परसेंट का
ब्याज  मिलता है।
-इसके अलावा, शेयर बाजार, म्युचुअल फंड, सोना, प्रॉपर्टी
में भी आप पैसा लगा सकते हैं। लेकिन शेयर बाजार में
पैसा लगाने से पहले काफी रिसर्च, समय और जानकारी
की जरूरत पड़ती है। वहीं, दूसरी ओर प्रॉपर्टी और
सोने में निवेश के लिए काफी पैसों की जरूरत पड़ती है।
   
टीचर हैं तो क्या हुआ, फाइनेंशियल प्लानिंग करना तो, बनता है बॉस
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/04/blog-post_22.html

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