ऑनलाइन IT रिटर्न, फाइल करना है आसान-पार्ट 3

उम्मीद है आपने सभी तरह की आमदनी और डिडक्शन का ब्यौरा सही-सही तैयार कर लिया होगा। अब बारी है ऑनलाइन रिटर्न फॉर्म भरने की। इसके लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट www.incometaxindiafilling.gov.in पर रजिस्टर कराना होगा।


-www.incometaxindiafilling.gov.in पर लॉग ऑन करें
-अगर आप नए यूजर हैं, तो आप वेबसाइट पर खुद को
रजिस्टर कराएं
-इसके  लिए वेबसाइट पर रजिस्टर युअर सेल्फ सेक्शन
में जाएं
-यहां इंडिविजुअल लिंक चुनें और जरूरी जानकारियां
मसलन, पैन नंबर, सरनेम, मध्य नाम, पहला नाम,
जन्म तारीख, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर बगैरह
दर्ज करें
-वेबसाइट आपके पैन नंबर को आपका यूजर आईडी बनाती है।
-आपने ई-फाइलिंग वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर्ड
करा लिया तो अब आप इस यूजर आईडी, पासवर्ड और अपनी
जन्म तारीख के जरिए वेबसाइट पर कभी भी लॉग-इन कर
सकते हैं।

अब सही फॉर्म का चुनाव करें-
इतना सबकुछ होने के बाद, अब सवाल उठता है कि आपको कौन सा फॉर्म भरना है। सही इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म चुनना बहुत जरूरी है। लॉग-इन करने के बाद आपको आपकी आमदनी और व्यवसाय के अनुसार सही इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म भरना होगा।

यहां आपको इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 1(सहज) , ITR- 2A, ITR- 2, ITR- 3, ITR-4, ITR-4S (सुगम) और ITR V...

> ITR-1 (सहज): सैलरी या पेंशन, जिनके पास एक घर हो,
ब्याज या निवेश से कमाई करने वाले इंडिबिजुअल टैक्सपेयर्स
के लिए।
ये फॉर्म उनके लिए नहीं है जिनको एक से अधिक घर से
आमदनी होती है, विदेशी आय या संपत्ति, कैपिटल गेंस से आय,
5 हजार रुपए से अधिक की कृषि आय, बिजनेस या पेशा से आय
होती है या फिर ' अन्य स्रोतों से होने वाली आय ' के तहत
नुकसान उठाना पड़ता है

> ITR-2A: वैसे टैक्सपेयर्स और अविभाजित हिन्दू परिवार (
HUF) के लिए, जिनकी आमदनी
-सैलरी या पेंशन से आमदनी
-एक से अधिक घर से आमदनी
-लॉटरी, रेस होर्स समेत दूसरे स्रोतों से आमदनी

आप इसका इस्तेमाल नहीं करें अगर आपने
-कैपिटल गेंस से कमाई की
-बिजनेस या व्यवसाय से पैसा कमाया
-विदेशों में चुकाए टैक्स के लिए टैक्स छूट या डिडकशन की मांग
-विदेशी आमदनी, विदेश में संपत्ति या फिर भारत से बाहर
आपका कोई फाइनेंशियल इंटरेस्ट हो


> ITR-3: किसी पार्टनरशिप फर्म में हिस्सेदारी से आमदनी
के लिए उपयोग में लाया जाता है।
-सैलरी या पेंशन से आमदनी
-एक से ज्यादा मकान
-कैपिटल गेन्स
-दूसरे स्रोतों मसलन, लॉटरी और रेस हॉर्स से कमाई
-पार्टनरशिप फर्म से मुनाफा

-अकेला प्रोपराइटरशिप फर्म से कमाई करने वाले इस
फॉर्म को नहीं भरे

> ITR-4: ये फॉर्म उनके लिए है जिनकी आमदनी
-प्रोपराइटरशिप (मालिकाना हक) कारोबार से
-प्रफेशन से
-कमिशन से होती है

> ITR-4S (सुगम): वैसे टैक्सपेयर्स के लिए जिनकी
आमदनी
-प्रिजम्बिटीव टैक्स नियमों वाले बिजनेस से
-एक से अधिक मकान
-5 हजार रुपए से अधिक की कृषि आय
-कमिशन और ब्रोकरेज
-विदेशी आमदनी, विदेश में संपत्ति या फिर भारत से बाहर
आपका कोई फाइनेंशियल इंटरेस्ट हो

> ITR-V:सभी ई-फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए
- जो रिटर्न सत्यापन के लिए डिजीटल हस्ताक्षर
का इस्तेमाल नहीं करते
- जो रिटर्न के सत्यापन के लिए इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड
(EVC) का इस्तेमाल नहीं करते

ये तो रही तरह-तरह के फॉर्म की जानकारी। एक बार यह तय
करने के बाद कि आप पर कौन सा फॉर्म लागू होगा, फॉर्म को
डाउनलोड कर लें और एक फोल्डरमें सेव करके रख लें।

ऑनलाइन IT रिटर्न, फाइल करना है आसान-पार्ट 2
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/07/it-2.html

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